क्या विशेष बात थी राजीव गाँधी जी में ?
महज 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले राजीव गांधी के बारे में कौन नहीं जानता ?
आज ही के दिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में आतंकवादी संगठनों ने आत्मघाती हमले में इनकी हत्या कर दी थी।
माँ इंदिरा की आकस्मिक मौत के बाद लोकसभा चुनाव में देश के इतिहास में सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त करके राजीव गांधी भारत के प्रधानमंत्री बने थे।
राजनीति में आने से पूर्व राजीव गांधी पेशे से पायलट थे।
देहरादून के वेल्हम ब्यॉज स्कूल और दून स्कूल से स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भारत में टेलीकॉम और सूचना क्रांति का सूत्रधार माना जाता है।
उन्होंने उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की।
ग्रामीण बच्चों के बेहतर शिक्षा के लिए नवोदय विद्यालयों के शुभारंभ का श्रेय भी राजीव गांधी को जाता है।
राष्ट्र निर्माण के लिए युवाशक्ति के महत्व को मान्यता देकर मतदान उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 साल करने का फैसला भी उनके कार्यकाल में हुआ।
आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी के योगदान को याद कर उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित है।

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