अगर आप किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड प्रयोग कर रहे हैं तो रखिये इन बातों का विशेष ध्यान

अगर आप किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड प्रयोग कर रहे हैं तो रखिये इन बातों का विशेष ध्यान



1. रिवॉर्ड पॉइंट से लाभ कम हो सकता है और हानि ज्यादा। 
2. 24 से 48 प्रतिशत तक वार्षिक होती हैं क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें। 
3. 15 से 18 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है क्रेडिट कार्ड की मासिक क़िस्त। 
4. 500 रुपये से लेकर 2400 रुपये तक शुल्क वसूला जाता है बैंकों द्वारा। 
5. 2 से 4 प्रतिशत तक क्रेडिट कार्ड से नकद निकासी पर लगता है मासिक ब्याज दर। 

सही क्रेडिट कार्ड का चुनाव कैसे करें। 


ग्राहक को अपने खर्च की सीमा और कहाँ खर्च करना है उसके आधार पर कार्ड का चुनाव करना चाहिए। क्रेडिट कार्ड पर उपलब्ध रिवॉर्ड पॉइंट ,छूट ,कैशबैक अथवा वाउचर पर विचार करना क्योंकि यह ये आपकी सम्पूर्ण लेनदेन लागत को काम करने में मदद करते हैं। यद्द्यपि ,ऐसा करते समय ,क्रेडिट कार्ड से जुड़ी विभिन्न बातों पर विचार अवश्य करें ,जैसे कि शुल्क और नवीनीकरण शुल्क। कार्ड लेने से पहले यह अवश्य सुनिश्चित करें कि लागत ,लाभ सेअधिक न हो।  

 क्रेडिट कार्ड के सही तरीके से इस्तेमाल के लाभ



1. शिक्षाऋण,होमलोन के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर तैयार करता  क्रेडिट कार्ड। 
2. किसी बैंक में 45 दिन एवं किसी बैंक में 50 दिन की ब्याज मुक्त अवधि खरीदारी के लिए ,इलाज जैसी आपात  धन की जरूरत में बेहद फायदेमंद होता है क्रेडिट कार्ड। 
3. एक कार्ड से दूसरे कार्ड का बिल भरने का विकल्प भी कई क्रेडिट कार्डों में होता है। 
4. क्रेडिट कार्ड से जरूरत पड़ने पर ग्राहक नकद निकासी भी कर सकते हैं।  
                                           


क्या होता है  क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला रिवॉर्ड पॉइंट ?


हर खरीदारी पर ग्राहकों को रिवार्ड्स पॉइंट दिया जाता है ,जिसे जिसे खरीदारी या कैशबैक लेने में प्रयोग किया जा सकता है। इसे ही रिवार्ड्स पॉइंट कहते हैं। जैसे कि आपने किसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से किसी पेट्रोल पंप पर 1000 रुपये का पेट्रोल भरवाया या  ई -कॉमर्स से खरीदारी की तो ये पॉइंट्स मिलते हैं। अलग -अलग क्रेडिट कार्ड प्रत्येक 100 -150 रुपये के खर्च पर आपको 1 -5 पॉइंट मिलते हैं।

इन कामों में नहीं मिलता है क्रेडिट कार्ड से ज्यादा फायदा :

1. वॉलेट में पैसा डालना : अगर आप क्रेडिट कार्ड के द्वारा अपने मोबाइल वॉलेट में रिचार्ज हैं तो आपको कोई       रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेगा। अभी हाल ही में एच डी ऍफ़ सी ने भी वॉलेट में पैसा डालने पर रिवॉर्ड पॉइंट देना बंद कर दिया है।
2.लोन की क़िस्त जमा करने पर : अगर आपने क्रेडिट कार्ड से कोई महँगा गैज़ेट या टी वी खरीदा है तो उसका भुगतान ई एम् आई से करेंगे तो हो सकता है कि आपको कोई रिवॉर्ड पॉइंट्स ना मिले। ज्यादातर क्रेडिट कार्ड्स कंपनियां खरीदारी के बाद ई एम आई करा लेने की वजह से रिवार्ड्स पॉइंट नहीं देती हैं।
3. बीमा प्रीमियम भुगतान : क्रेडिट कार्ड से बीमा प्रीमियम भुगतान पर भी  ही रिवार्ड्स पॉइंट मिलता है. कई कम्पनियाँ कुछः भी  नहीं देती हैं। एच डी ऍफ़ सी बैंक ने प्रत्येक प्रीमियम भुगतान पर 2000 अंक का कैम्प लगा दिया है। कभी कभी आईसीआईसीआई बैंक 100 रुपये बीमा के प्रीमियम भुगतान पर एक पेबैक प्वाइंट्स देता है।

रिवॉर्ड प्वाइंट से लाभ कम ,हानि ज्यादा होने की संभावना रहती है। 

नगद लेनदेन के मुकाबले एक सुरक्षित विकल्प के साथ 45 -50 दिन की ब्याज मुक्त अवधि और रिवार्ड् प्वाइंट के लाभ ने क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता में चार चाँद लगा दिया है। क्रेडिट कार्ड के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए बैंकों ने भी आकर्षक छूट  वाले क्रेडिट कार्ड मार्किट में उतार दिए हैं। फिलहाल ,छूट  वाले अधिकतर कार्ड पर भारी - भरकम  शुल्क भी वसूला  जा रहा है  . ऐसे में क्या प्वाइंट्स पाने के लिए अधिक शुल्क चुकाना उचित है। वित्तीय विशेषज्ञों का मत है कि  रिवार्ड्स प्वाइंट्स पाने के लिए अधिक शुल्क चुकाना कहीं से भी जायज नहीं है। इससे लाभ काफी कम और नुक्सान ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बहुत ही कम लोग रिवार्ड्स प्वाइंट्स का लाभ ले पाते हैं ,जबकि ज्यादातर लोग रिवॉर्ड प्वाइंट्स को रिडीम ही नहीं करा पाते हैं।

रिवॉर्ड रिडीम के लिए बैंकों द्वारा वसूला जाता है मोटा शुल्क। 


कोई भी बैंक या वित्तीय कंपनी क्रेडिट कार्ड देने के समय आपको  यह नहीं बताती कि आपको रिवॉर्ड भुगतान कराने के लिए अलग से एक तय शुल्क देना पड़ेगा। अधिकतर कम्पनियाँ रिवॉर्ड प्वाइंट्स भुगतान कराने पर
1% से 2.5%   तक शुल्क वसूल करती है। जैसे कि एच डी ऍफ़ सी बैंक और एस बी आई रिवॉर्ड रिडीम शुल्क के तौर पर फ्लैट 99 रुपये और जी एस टी वसूलते हैं। ऐसे में अगर आपका क्रेडिट कार्ड आपको 100 रुपये खर्च करने पर 2 प्वाइंट्स देता है तो 100 प्वाइंट्स पर आपको 25 रुपये का कैशबैक मिलेगा।अतः आपको 100 रुपये के कॅश बैक लेने के लिए 20000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अगर आपका बैंक आपसे प्वांइट्स रिडीम कराने का शुल्क ही सौ रुपये ले लेता है तो आपको वास्तव में कुछ नहीं मिलेगा।

तय समय में प्वाइंट्स को भुनाना जरूरी होता है। 


आपको यह जानना जरूरी है कि सभी कंपनियां रिवार्ड्स पॉइंट्स रिडीम कराने की वैधता तय करती हैं। एच डी  ऍफ़ सी बैंक रिवार्ड्स प्वाइंट्स प्राप्त करने से दो साल तक रिडीम कराने की वैधता देता है। एक तय समय सीमा में अगर आपने अपना रिवॉर्ड प्वाइंट  तो वह अपनेआप लेप्स हो जायेगा जिससे आपको पॉइंट्स भुनाने  मौका  मिलेगा. बैंक इसके साथ साथ  चालाकी करते हैं कि वह  धारक को  कभी नहीं बताते हैं कि उसे अब अपने पॉइंट्स को  लेना चाहिए।  लोगों को यह पता नहीं होता है कि  अपने पॉइंट को रिडीम कराना है  रिवॉर्ड समाप्त हो जाता है।

ऐसी लुभावनी पेशकश क्यों करते हैं बैंक ?


रिवॉर्ड प्वाइंट्स का प्रयोग बैंक अपने कार्ड का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए करते हैं. इसके पीछे  रणनीति यह होती है कि रिवॉर्ड पॉइंट्स पाने चक्कर में लोग खर्च करने को प्रोत्साहित होते हैं।  वह कई सामान इसलिए भी खरीद लेते हैं कि उनको इस खरीदारी इतने का रिवॉर्ड पॉइंट्स मिल जायेगा। इससे बैंकों कारोबार तो बढ़ता ही है लेकिन कार्ड का प्रयोग करने वाले पर बैंक का वित्तीय बोझ काफी बढ़ जाता है। कभी कभी तो इसी चक्कर में बैंक के क़र्ज़ का भार बहुत ही ज्यादा हो जाता है।

रिवॉर्ड प्वाइंट को  न बनाएं  क्रेडिट कार्ड लेने का पैमाना  ग्राहक। 


कई बार आपके मित्र और रिस्तेदार आपको आकर्षक रिवॉर्ड प्वाइंट्स वाले क्रेडिट कार्ड की जानकारी देंगे। लेकिन आप किसी के कहने में ना आएं तो ज्यादा ही अच्छा होगा।एक साथ कई सारे क्रेडिट कार्ड रखने से आपके सिविल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्रेडिट यूटिलाइजेशन और समयानुसार भुगतान करना ऐसा काम है जिसमे एक अच्छे ट्रैकिंग  सिस्टम की  आवश्यकता होती है.ट्रैकिंग सिस्टम अच्छा ना होने की स्थिति में आप क्रेडिट कार्ड के बकाये का  भुगतान करना भूल सकते हैं। इस तरह आपकी जेब और  सिविल स्कोर बहुत ही प्रभावित होते हैं। अतः आप कभी भी सिर्फ रिवॉर्ड प्वाइंट्स को क्रेडिट कार्ड लेने पैमाना ना बनायें।

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उस कंपनी या बैंक का नियम जरूर पढ़ें। 



किसी भी कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट कंपनी की पालिसी के तहत किये जाते हैं। पालिसी में बताया जाता है की इन पॉइंट्स को एक निश्चित आउटलेट ,ब्रांड्स या कॅश बैक के  लिए प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे रिवॉर्ड प्वाइंट्स के इकठ्ठा होते ही लोग रिडीम कराने के लिए शॉपिंग पर चले जाते हैं ,जबकि उस समय शॉपिंग की कोई जरूरत नहीं होती है। ऐसा  करने से महीने के बजट पर असर पड़ता है। इसलिए कोई भी कार्ड लेने का पैमाना सिर्फ रिवार्ड्स प्वाइंट्स को ना बनाएं। अपनी जरूरत को समझकर ही कार्ड का चुनाव करें।  .
धन्यवाद।

 यह जानकारी आपको कैसी लगी ,कमेंट करके मेरा उत्साहवर्धन जरूर करें। 

आपका अपना-

राम नारायण शर्मा







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