भारत में किस जिले को हल्दी का जिला कहा जाता है ? भारत में मसालों के पैदावार की स्थिति .

                  भारत में किस जिले को हल्दी  का जिला कहा जाता है?




विश्व में सबसे ज्यादा हल्दी भारत में पैदा होती है . 
उत्तर प्रदेश गोंडा, बहराइच, पंडरौना, बाराबंकी , ललितपुर सहित कई जिलों में हल्दी की पैदावार होती है . 

दुनिया के मसाला उत्पादन के क्षेत्र में, भारत 75% मसालों का उत्पादन करता है . भारत सुखी लाल मिर्च , जीरा , हल्दी , अदरक , सौंफ , धनिया , इमली जैसे कई सारे मसालों का उत्पादन  करता है . इन सभी मसालों का उत्पादन भारत में ही होता है . लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में ये मसाले कहाँ से आते हैं ? 
तो मित्रों , आईये देखते हैं कि भारत में संसार का ७५% मसाला कहाँ -कहाँ  उत्पादित होता है . पिछले वर्ष भारत में 91 लाख टन से अधिक मसालों का उत्पादन हुआ था . राजस्थान भारत का सबसे अधिक मसालों का उत्पादन करने वाला राज्य है . जहां करीब 9 लाख 40 हजार टन अर्थात पूरे भारत का १०%  मसालों का उत्पादन होता है . 

राजस्थान के अतिरिक्त दूसरे टॉप 10 मसाले उत्पादन के राज्य है -
1. राजस्थान
2. गुजरात 
3. आँध्रप्रदेश  
4. तेलंगाना 
5. कर्नाटक
6. पश्चिम बंगाल 
7. उड़ीसा
8. उत्तर प्रदेश 
9. महाराष्ट्र
10. तमिलनाडु 

भारत मसालों का केवल उत्पादक ही नहीं अपितु बहुत बड़ा निर्यातक भी है . भारत पूरे दुनिया के मसालों के निर्यातक देशों की सूची में 40% की हिस्सेदारी रखता है . भारत  एक वर्ष में 4 लाख मीटरिक टन से ज्यादा मसालों का निर्यात पूरी दुनिया के देशों को करता है . भारत उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में आता है . दुनिया के सभी मसाले इसी उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में पैदा होते हैं . वहाँ औसत तापमान 10-30 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहता है .
इन मसालों के उत्पादन के लिए यह वातावरण बहुत ही उपयुक्त होता है .

1. सबसे पहले बात करते हैं सूखी लाल मिर्च की :



सूखी लाल मिर्च का उत्पादन भारत में प्रतिवर्ष लगभग 10,33,000 टन होता है . जो पूरे मसालों में से 22% का हिस्सा रखता है . भारत सूखी लाल मिर्च के उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान रखता है . पूरे दुनिया के सूखी लाल मिर्च के उत्पादन का 38% भारत में ही उत्पादन होता है . भारत में तेलंगाना 3 लाख 41 हज़ार  टन के उत्पादन के साथ विश्व में प्रथम स्थान पर है . भारत की 33% सूखी लाल मिर्च अकेले तेलंगाना में ही उत्पादित होती है .तेलंगाना के अतिरिक्त कर्नाटक 25% तथा मध्यप्रदेश 23% सूखी लाल मिर्च का उत्पादन करते हैं . इतने अधिक उत्पादन के बावजूद भारत पूरे विश्व का केवल 30% ही सूखी लाल मिर्च का निर्यात कर पाता है . क्योंकि 70% सूखी लाल मिर्च भारत में ही उपभोग कर ली जाती है .

2. अब बात करते हैं , अदरक और लहसुन की : 




अदरक एक मसाला होने के साथ - साथ एक औषधि भी है . अदरक के उत्पादन में भी भारत का स्थान विश्व में प्रथम है . पूरी दिनिया में वर्षभर अदरक का उत्पादन 30 लाख टन होता है . जिसमे लगभग 33% अदरक का उत्पादन भारत में ही होता है . भारत के अलावा नाईजीरिया 18%, चीन 16 % दुनिया में अदरक का उत्पादन करते हैं . भारत में असम सबसे अधिक 1लाख 68 टन यानी पूरे भारत का 18% अदरक का उत्पादन करता है .
असम का कर्बी आंगलोंग जिला सबसे ज्यादा अदरक का उत्पादन करता है . असम के अलावा महाराष्ट्र 15%, पश्चिम बंगाल 13% अदरक का उत्पादन करते हैं . भारतीय अदरक के सबसे बड़े आयातक देश बांग्लादेश, 
सऊदी अरब , संयुक्त अरब अमीरात एवं मोरक्को हैं .

             अगर लहसुन की बात करें तो भारत लहसुन के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर है  क्योंकि  अकेला चीन ही 2 करोड़ मेट्रिक टन उत्पादन के साथ दुनिया के 80% लहसुन का उत्पादन कर लेता है . भारत 17 लाख 
मी टन लहसुन के उत्पादन के साथ दुनिया के 5% लहसुन का उत्पादन करता है . चीन एवं भारत के अलावा बांग्लादेश , इजिप्ट एवं स्पेन भी थोड़ी मात्रा में उत्पादन करते हैं . भारत में राजस्थान लहसुन के उत्पादन में प्रथम स्थान पर है .यहाँ 5,82,000 टन उत्पादन के साथ पूरे भारत का 33% लहसुन का उत्पादन होता है . राजस्थान के केवल चार जिले बूंदी , कोटा , बारन एवं झालावार ही राजस्थान के 90% लहसुन का उत्पादन करते हैं . 
राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश 7%, गुजरात 6% लहसुन का उत्पादन करते हैं . भारतीय लहसुन के अहम् आयातक देश इंडोनेसिया , ब्राज़ील एवं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका हैं .


3. अब बात करते हैं इलायची की : 

इलायची वेनीला एवं केसर के बाद तीसरे नम्बेर का सबसे ज्यादा महँगा मसाला है . इलायची के उत्पादन में भी भारत दुनिया के 38000 टन अर्थात दुनिया के 31% उत्पादन के साथ विश्व में पहले स्थान पर है . भारत के अलावा लैटिन अमेरिकन देश , ग्वाटेमाला द्वीप 29% उत्पादन के साथ संयुक्त उत्पादक है . इन दोनों देशों के अलावा श्रीलंका , तंजानिया एवं अलसल्वाडोर भी इलायची का उत्पादन करते हैं . भारत में केरल 25000 टन यानी 66% उत्पादन के साथ नंबर 1 पर है . केरल में इदुक्की जिला सबसे ज्यादा इलायची का उत्पादन करता है . केरल के अलावा सिक्किम में 17%, कर्नाटक में 6% इलायची का उत्पादन होता है . कुल उत्पादन का 95% उपभोग भारत में ही हो जाता है . बाकी 5% इलायची दुसरे देशों को निर्यात की जाती है . भारतीय इलायची के टॉप आयातक सऊदी अरेबिया , पाकिस्तान एवं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका है . 

4. अब बात करते हैं हल्दी (Termeric) की  : 

भारत हल्दी का भी सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक है . अकेला भारत ही पूरे दुनिया के 80% से भी ज्यादा हल्दी का उत्पादन करता है . भारत के मसालों में हल्दी तीसरे नंबर का निर्यात होने वाला मसाला है. अकेले हल्दी के ही निर्यात से भारत का 1632 करोड़ रुपये का व्यापार होता है . भारत पूरे वर्ष में 9,40,000 टन का उत्पादन होता है. 
भारत के अलावा चीन में 8% एवं म्यांमार में 4% का उत्पादन होता है . हल्दी के उत्पादन में भी तेलंगाना 2,95,000 टन उत्पादन के साथ प्रथम स्थान पर है . 
तेलंगाना के सिर्फ चार जिले निजामाबाद , करीमनगर , वारंगल एवं अदीलाबाद ही तेलंगाना के 99% हल्दी का उत्पादन करते हैं . तेलंगाना के अलावा महाराष्ट्र में 20% एवं तमिलनाडु में 12% हल्दी का उत्पादन होता है . भारत हल्दी का सबसे बड़ा निर्यातक देश भी है . भारत यूनाइटेड अरब अमीरात ,ईरान , यूं एस ए एवं श्रीलंका को सबसे ज्यादा हल्दी का निर्यात करता है .

5. अब बात करते हैं काली मिर्च ( black pepper ) की :




काली मिर्च को दुनिया में पैसा कमाने वाली फसल मानी जाती है . काली मिर्च का निर्यात कई सारे देशों की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी हिओस्सा रखता है . भारत काली मिर्च के उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता है . पहले नंबर पर मौजूद वियतनाम में 2,16,000 टन अर्थात पूरी दुनिया के उत्पादन का 34% उत्पादन होता है . दूसरे स्थान पर मौजूद इंडोनेसिया में 82,000 टन यानि दुनिया का 15% काली मिर्च का उत्पादन होता है . भारत में वार्षिक 55000 टन यानी दुनिया के 10% काली मिर्च का उत्पादन होता है . भारत में कर्नाटक काली मिर्च उत्पादन का नंबर 1 राज्य है . यहाँ 21000 टन यानि भारत के कुल उत्पादन का 38% काली मिर्च का उत्पादन होता है . कर्णाटक के चिक्मंगलुरू, हस्सन , दक्षिण कन्नडा , सिमोंगा , उत्तर कन्नडा तथा उदिपी में सबसे ज्यादा काली मिर्च का उत्पादन होता है . कर्नाटक के अलावा केरल भारत का 30%, तमिलनाडु में 5% काली मिर्च का उत्पादन होता है .

6. अब बात करते हैं Cumin जीरे की :

भारत जीरे के मामले में सर्वोच्च उत्पादक , उपभोक्ता एवं निर्यातक है . भारत में पूरी दुनिया का 70% जीरा अर्थात 687000 टन का उत्पादन होता है . भारत के अलावा सीरिया 12%, ईरान 8% एवं तुर्की 6% जीरे का उत्पादन करते हैं . भारत में जीरे के मुख्य उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान हैं . गुजरात में 384000 टन यानी भारत का 55% एवं राजस्थान में 3,02,000 टन यानी पूरे भारत 44% जीरे का उत्पादन होता है . गुजरात में ज्यादातर जीरे का उत्पादन उसके उत्तरी जिले जैसे - महसाना , बनासकांठा एवं पाटन में होता है . भारत जीरे के निर्यात में भी नंबर 1 है . भारत दुनिया के ऐसे सभी देशों को जीरे का निर्यात करता है ,जिस देश के लोग जीरे का उपयोग करते हैं . जिनमे सबसे बड़े आयातक  गल्फ कंट्रीज एवं संयुक्त राज्य अमेरिका है . 

7. अब बात करते हैं coriander यानि धनिया की :

भारत धनिया के उत्पादन में भी नंबर 1 है . पूरी दुनिया का 70% अर्थात 677000 टन धनिया का उत्पादन केवल भारत में ही होता है. भारत के अलावा बल्गेरिया , रोमानिया एवं रसिया भी दुसरे धनिया उत्पादक देश हैं. भारत में मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा 383000 टन यानी भारत का 56% धनिया का उत्पादन करते है . मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान में 19%, गुजरात में 17% धनिया का उत्पादन होता है . भारतीय धनिया के सबसे बड़े आयातक पाकिस्तान एवं संयुक्त अरब अमीरात है. 

8. अब बात करते हैं सबसे महंगे मसाले केसर की : 

पूरी दुनिया में केसर का वार्षिक उत्पादन केवल 325 टन होता है . इनमे ईरान 90% केसर का उत्पादन करता है.
यानी 292 टन. नंबर 2 पर है स्पेन एवं नंबर ३ पर है हमारा भारत . भारत में १६ मीट्रिक टन केसर का उत्पादन होता है. भारत में पूरे केसर का उत्पादन केवल जम्मू एवं कश्मीर में ही होता है. थोड़ी मात्रा में हिमाचल प्रदेश में भी केसर का उत्पादन किया जाता है.भारत में हर वर्ष 20 टन केसर का उपभोग होता है . इसीलिए भारत को केसर ईरान एवं स्पेन से आयात करना पड़ता है. 

इन मसालों के उत्पादन के अलावा भारत  सौंफ के उत्पादन के मामले में भी पूरे विश्व में नंबर 1 पर है .
अकेला गुजरात ही 74% यानी 96000 टन सौंफ का उत्पादन करता है .

जायफल के उत्पादन के मामले में भारत का स्थान विश्व में तीसरा है .अकेला केरल ही 98% यानी 14200 टन जायफल का उत्पादन करता है.
अगर बात करें सरसों (Mustard) की , तो भारत सरसों के उत्पादन में विश्व में दूसरा स्थान रखता है .भारत में 200000 टन से भी अधिक सरसों का उत्पादन होता है. अकेला उत्तर प्रदेश ही भारत की 60% सरसों का उत्पादन करता है .

तो मित्रों यह मसालों का लेख आपको कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताईये , जिससे और विषयों पर लेख लिखने के लिए प्रेरित हो सकूं .

धन्यवाद .

RAM NARAYAN SHARMA


 



















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