बी .एड,डी-एल एड कोर्स चला रहे संस्थानों को पिछली तारीख से मिलेगी मान्यता

बी .एड,डी-एल एड कोर्स चला रहे संस्थानों को पिछली तारीख से मिलेगी    मान्यता  

      राज्य सभा ने गुरुवार को करीब 17000 छात्रों की बी.एड की डिग्री को मान्यता देने वाले 'राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक बी-2019 'पारित कर दिया। लगभग एक घंटे की चर्चा के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया। लोकसभा से पहले ही यह अनुमोदित हो चुका है। अब इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जायेगा। इसके तहत बिना अनुमति बी.एड. और डी. एलएड कोर्स चला रहे केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं डायट को पिछली तारीख से मान्यता मिल सकेगी। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस विधेयक का मकसद एक विसंगति को दूर करना है। कुछ केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों ने बिना अनुमति के बी.एड की शिक्षा शुरू की थी और अभ्यर्थियों को उपाधि प्रदान की गयी थी। 










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